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विजयादशमी /दशहरा विशेष

विजयादशमी/दसहरा
विजयादशमी हमारे भारतीय पर्वों में एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व है ।विजयादशमी या दसहरा यह पर्व बुराई पर अच्छाई,दुराचार पर सदाचार , तमोंगुण पर सतोगुण , असत्कर्मों पर सत्कर्मों की जीत का पर्व है।यह पर्व नवरात्र के अगले दिन आता है । एक मान्यता के अनुसार दुर्गा देवी द्वारा महिषासुर नामक राक्षस का वध किया गया था राक्षस का वध कर दुर्गा देवी द्वारा सत्य की स्थापना की गयी थी।जिसे आज हम उत्सव रूप मनाते हैं।
दुसरे लोगों के मतानुसार भगवान राम ने अन्याय का पर्याय बन चुके रावण का बध कर दशमी तिथि को ही वापस अयोध्या आये थे।अतः विजयस्वरूप ये पर्व के रूप में मनाया जाता है।विजयादशमी में किये जानें वाले सभी कार्य सफल होते हैं।जैसे कि कहा गया है-
आश्विनस्य सिते पक्षे दशम्यां तारकोदये।
सकालो विजयो ज्ञेयः सर्वकार्यार्थ सिद्धये।।
अर्थात् आश्विनमाह के शुक्लपक्ष दशमी में तारा के उदय होने पर सभी कार्यों की सिद्धि प्रदान करने वाला समय होता है।विजयादशमी पर्व पर खंजन पक्षी और शुग्गा (तोता) के दर्शन को भी पुण्यकारक माना जाता है।जैसे कि कहा गया है-
कृत्वानीराजनं बालवृद्धौ यथाबलम्।
शोभनं खंजनं पश्येत्जलगोगोष्ठ संनिधौ।।
नीलग्रीव शुभग्रीव सर्वकर्मफलप्रदम्।
पृथिव्यां भवतीर्णोसि खंजरीट नमोस्तुते।।

दसहरा हमारे भारतीय पर्वों में प्रमुख स्थान रखता है।इसमें रावण का पुतला बना कर दहन किया जाता है तथा जगह जगह रामलीला का मंचन कर भगवान श्री राम के उच्च आदर्शों पर चलनें के लिए लोगो को प्रोत्साहित किया जाता है।आप सभी को विजयादशमी की बहुत बहुत शुभकामनायें। ये लेख आपको कैसे लगा आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

edit Posted by Shiv Pratap  |  comments Comments: Post the 1st one!  |  Filled Under: Uncategorized  |  September 25th